आज के दौर की सबसे बड़ी बिमारी कोढ़ या तपेदिक नहीं है बल्कि अपने को गैर-जरुरी महसूस करने का भाव है!दुःख का असली कारण आत्मा या प्रकृति नहीं,बल्कि मनुष्य की तृष्णा है!

औषधियों का महाराजा है एलो वेरा जेल ( जांचा परखा हुआ जेल ही अपनाएं ,नकली से साबधान )



आज एलो वेरा रास्ट्रीय व अंतररास्ट्रीय स्तर पर दुनिया के हर वर्ग ,हर गाँव में अपना पहचान बनाया हुआ है |एलो वेरा युक्त तेल, साबुन,सेम्पू, और सौंदर्य प्रसाधन के बारे में ब्याब्शायिक विज्ञापन रोज दूरदर्शन और समाचार पत्र के माध्यम से करोड़ों लोगों के मस्तिस्क में अपना स्थान बना चुकी है |आज के दौर में सौंदर्य प्रसाधन की कम्पनी के लिए अपने उत्पाद के साथ एलो वेरा युक्त लगाने मात्र से उनके उत्पाद बाजार में जल्दी से लोगों के प्रिय हो जाते है |

लेकिन एलो वेरा युक्त उतपाद में जैसे की त्वचा से सम्बंधित क्रीम,या तेल है तो उनमे एलो वेरा की मात्रा कम से कम 80% होनी चाहिए |परन्तु जितने भी उत्पाद बाज़ार में मिलता है उसके अंदर एलो वेरा की प्रतिशत मात्रा 0.05% के लगभग होता है | इसके कारण जो हमारी त्वचा में एलो वेरा जेल का प्रभाव पड़ना चाहिए वो नहीं हो सकता है |मसलन एलो वेरा जेल इतना कम मात्रा में होता है की वह त्वचा के अंदर जो निचली सतह है वहां तक पहुँच ही नहीं पाता |

अगर एलोवेरा युक्त क्रीम जिसके अंदर कम से कम 80% एलो वेरा जेल है तो वो त्वचा के तीसरी सतह जिसको हाइपो डर्मिस कहा जाता है वहां जाकर वो अपना काम करेगा और उपरी त्वचा जिसे डर्मिस कहा जाता है जो रोज मरता है उसका स्थान निचे की सतह ले लेता है | अगर तीसरी सतह स्वास्थ्य और जवान होगा तो आपके त्वचा हमेशा जवान नजर आयेंगे|

हमारा कोई भी उत्पाद जो त्वचा के लिए बनाया गया है जैसे की एलो वेरा जेली ,एलो प्रोपोलिस क्रीम इत्यादि ,पर आपको जानकार ख़ुशी होगी की हमारे इस क्रीम के अंदर 97% एलोवेरा होता है |

आज जिस विषय को लेकर मैं चर्चा करने वाला हूँ वो है - क्या हमारे देश के सैकड़ों साल पुरानी कम्पनी (जो अपने देश में आयुर्वेदिक के नाम से प्रसिद्ध है ) को एलोवेरा के गुण के बारे में नहीं मालूम होगा ? क्या वो अपने कम्पनी के लिए जड़ी बूटी पर शोध करना बंद कर दिया है ? आखिर क्या बात हो सकती है ?

जिस पौधा को औषधियों का महाराजा कहा जाता है ,यहाँ तक की उनके जेल को मानव जाती के लिए अमृत के सामान माना जाता है | हम आपको नाम बताना चाहेंगे डावर, झंडू,वैद्यनाथ ,हमदर्द इत्यादि और भी कई आयुर्वेदिक कम्पनी है ,पर इनके द्वारा बनाया गया एलोवेरा जेल कहीं भी बाज़ार में नहीं मिलता |

ऐसा नहीं है की वो चाहता ही नहीं की वो बाज़ार में एलोवेरा जेल को लाए,पर जूस को स्थरीकरण कर के ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखने का जो सूत्र है वो संभतः नहीं है | ये कोई गन्ने का जूस नहीं की कोई भी ब्यक्ति उसे मशीन से निकालकर बोतल बंद करके ग्राहक तक पहुंचा देगा |

रिलाइंस जैसा कम्पनी पिछले पाँच साल से लगातार इस पर शोध करके करोड़ों बर्बाद कर चुके है पर उन्हें जूस को ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखने का विधि नहीं मिल पाया और फिर वो इसके विषय में शोध करना छोड़ दिया | हमारा मतलब सिर्फ और सिर्फ यह है की जब इतने बड़े बड़े कम्पनी ( डावर, झंडू,वैद्यनाथ ,हमदर्द ) इस जूस को अपने ब्रांड नाम जोड़कर अपना नाम ख़राब नहीं करना चाहती,इसलिए वह इस जूस को बाज़ार में नहीं लाया है |

खास बात यह है की एलो पौधों में जो सबसे उत्तम वेराइटी है जिसका बोटानिकल नाम एलो बारबाड़ेंसिस मिल्लर है ,वही एक पौधा है जिसके अन्दर १००% दवाई का और पौषटिक गुण पाया जाता है |ये सबसे पहले प्रदूषित रहित क्षेत्र में खेती होनी चाहिए क्यूंकि वो अपना आहार बातावरण में उपस्थित हवा इत्यादि से लेते है | और वो कम से कम तीन से चार साल में जाकर वो सारे गुण को अपने जेल के अंदर ला पाता है | इसके कटाई के बाद तीन से चार घंटे के अंदर ही उसे जूस निकालने वाली प्लांट तक पहुँच जाना चाहिए वरना वो हवा के साथ ओक्स़ीकरन होकर उसके अंदर के सारे गुण समाप्त हो जाता है |

सिर्फ और सिर्फ यही वजह है जिसके कारण आयुर्वेदिक के नाम से मशहुर कम्पनी एलो वेरा जूस में अपना हाथ नहीं रखना चाहता है | क्यूंकि अगर वो इसके गुण को एलो वेरा जूस के बंद बोतल के अंदर कम से कम साल दो साल तक सुरक्षित नहीं रख पाये, तो उनका नाम खराब होगा | और वो ऐसा करके अपनी प्रतिष्ठा को दाव पर नहीं लगाना चाहते |

जेल को सुरक्षित रखने और ज्यादा लम्बे समय तक जूस में कोई खराबी न आये इसलिए उसमें कीटनाशक दवाई,साइट्रिक एसिड और केमिकल का सहारा लेते है | पर उसके बाद जूस की जो गुणवता है वह खराब हो जाती है और वो पिने लायक नहीं होता बस सिर्फ नाम ही रह जाता है एलो वेरा जेल की | आजकल हर कोई अपने अपने नाम से इस जूस को बाज़ार में उतार रहे है चाहे उसके अंदर एलोवेरा का गुण हो या नहीं पर वो तो ग्राहक को सस्ते के नाम पर बेच रहे है | उसके साथ धोखा कर रहे है |

आप अपने रूपये की मूल्य को जाने और सही ब्रान्डेड जूस ही अपनाए , जिससे आपके शरीर का निर्वाशिकरण करके आपको स्वास्थ्य रखने में मदद करेगी |पैसा आपका है ,समस्या आपकी है ,निर्णय भी आपको ही लेना है की जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और उत्तम क्वालिटी वाला जूस लें या बाज़ार में उपलब्ध कोई भी जो सस्ती है | पर साबधान करना चाहूंगा नकली एलो वेरा जेल से | पैसा तो आखिर पैसा है अगर सस्ते का माल खरीद कर पीते है पर वो आपके किसी समस्या का समाधान नहीं कर पाता, ब्रान्डेड जूस शायद आपके जीवन में जिस मकसद से आप पी रहे है वो पूरा कर सके |


एलोवेरा के कोई भी स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद 30 % छूट पर खरीदने के लिए admin@aloe-veragel.com पर संपर्क करें और ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

ज्ञान दर्पण
ताऊ .इन

Comments :

1
KAMDARSHEE said... on 

it is abest medicine ; no doubt.
it is better than viagra.

Post a Comment

 

statistics >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>
रफ़्तार Submit
चिट्ठाजगत Read this Blog in english at en.Chitthajagat.in
View My stats >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> बाजार(स्टॉक मार्केट)आज का ! >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>
>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> www.hamarivani.com

Pengikut