आज के दौर की सबसे बड़ी बिमारी कोढ़ या तपेदिक नहीं है बल्कि अपने को गैर-जरुरी महसूस करने का भाव है!दुःख का असली कारण आत्मा या प्रकृति नहीं,बल्कि मनुष्य की तृष्णा है!

ह्रदय का दौरा ( Heart Attack ) से कैसे बचे ?


मनुष्य की रक्त धमनियों के अन्दर वाली झिल्ली एन्डोथिलियम कहलाती है |
यह शारीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि है जिसका कुल वजन 2 किलोग्राम है |
एन्डोथिलियम रक्त धमनियों में दो तरह के स्त्राव पैदा करती है |
पहला एन्डोथिलियम डेराइवड रिलोक्सिंग फेक्टर ------
यह नाइट्रिक ऑक्साइड पैदा करता है ,जो की ह्रदय की धमनी को फैलाता है |

दूसरा एन्डोथिलियम डेराइवड कान्ट्रेकटिंग फेक्टर का रिसाव पैदा होता है |
यह एन्डोथिलियम 1,2,3 व एन्जियोटेनीसन -II पैदा करते है जो कि ह्रदय की धमनी को सिकोड़ता है |
एन्डोथिलियम के ये सामान्य कार्य उच्च रक्त चाप ,मधुमेह
खून में अत्यधिक चर्बी का होना
एवं धुम्रपान की उपस्थति में सुचारू रूप से नहीं हो सकते है तथा
नाइट्रिक ऑक्साइड कम मात्रा में एवं एन्डोथिलियम -II व एन्जियोटेनीसन-II प्रचुर मात्रा में पैदा करती है जिससे की ह्रदय की धमनी बन्द हो जाती है
तथा ह्रदय घात की स्थिति पैदा हो जाती है |
एन्डोथिलियम की अनियमितता को छोटे उम्र में ही रोका जाना चाहिए
क्यूंकि खून कि नालियों में चर्वी जमाव छोटी उम्र में ही आरम्भ हो जाता है |
जिससे कि अत्यधिक महँगी व जोखिम पूर्ण एन्जियोप्लास्टी एवं बाइपास सर्जरी के मरीजों की संख्या घटाई जा सके |



ह्रदय की मांसपेशियों को कम रक्त पहुँचने या बिलकुल भी रक्त न पहुँचने की वजह से दिल का दौरा पड़ता है |
आमतौर पर दिल के दर्द में , छाती में बेचैनी ,पसीने का होना |
बिना दर्द के भी दिल का दौरा पड़ सकता है |
या फिर ब्यक्ति को हलकी सी थकावट ,छाती में जलन एवं पेट में बेचैनी महसूस हो सकती है |

दिल का दर्द कभी एक स्थान पर सिमित नहीं होता |
यदि कोई दर्द को सिर्फ छाती पर दर्शाए ,तो उसे दिल का दर्द नहीं हो सकता |
दर्द आता और जाता रहे ,तो भी ये दिल का दर्द नहीं हो सकता है
ह्रदय के दौरे के वजह से होने वाला दर्द आमतौर पर 20 मिनट से भी ज्यादा समय तक रहता है |
ऐसा अक्सर सुबह-सुबह ही देखा जाता है |



ह्रदय का दौरा एवं अचानक मौत दोनों ही जल्द सुबह 2 घंटे एवं ठंढे मौसम में ज्यादा होती है |
इसलिए छाती का दर्द जो सुबह -सुबह हो,उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए |
सुबह के 2 घंटे में रक्तचाप भी बढ़ा हुआ रहता है |
इसमें सिर्फ ह्रदय के दौरे का ही नहीं ,बल्कि लकवे
एवं दिमाग की नस फटने (ब्रेन हम्रेज ) का ख़तरा भी काफी अधिक रहता है |


अक्सर ह्रदय के धड़कन रुकने के पीछे कोई कारण जरूर होता है |
कुछ लोग थकावट वाला शारीरिक श्रम जैसे की ज्यादा खाने के बाद डांस करना
कार को धक्का लगाना,बलपूर्वक दरवाजा बंद करना इत्यादि हो सकते है |


कई बार भावनात्मक कारण भी हार्ट अटैक का कारण होता है |
सिगरेट पीने वाले ब्यक्ति भी दिल का दौरा पड़ने पर अचानक मौत का शिकार हो जाते है
ऐसा अक्सर जवान ब्यक्तियों में ज्यादा देखने को मिलता है |
ह्रदय का दौरे को रोकने का तरिका है ------------बचाव एवं नियमित जांच ( मधुमेह, कोलेस्ट्रोल इत्यादि )
एलो वेरा जेल के साथ में अगर प्रभावित ब्यक्ति आर्टिक - सी का सेवन करता है
तो निश्चय ही ह्रदय से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के समस्या से बचा जा सकता है |



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ज्ञान दर्पण
ताऊ .इन

Comments :

2 comments to “ह्रदय का दौरा ( Heart Attack ) से कैसे बचे ?”

Ratan Singh Shekhawat said... on 

बढ़िया जानकारी

way4host

Suman said... on 

आपको तथा आपके परिवार को होली की शुभकामनाएँ.nice

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