आज के दौर की सबसे बड़ी बिमारी कोढ़ या तपेदिक नहीं है बल्कि अपने को गैर-जरुरी महसूस करने का भाव है!दुःख का असली कारण आत्मा या प्रकृति नहीं,बल्कि मनुष्य की तृष्णा है!

रोगहर पौधा एलो वेरा का एक झलक


प्रातः कालीन व्यायाम के पश्चात् शारीरिक स्फूर्ति और तरो-ताजगी के साथ सोचा कुछ देर अंतरजाल पर भी बिताया जाय |फिर सोचने लगे की आज कौन से विषय पर चर्चा की जाय ? अचानक मानस पटल पर एलो पौधा के बारे में चित्रित होना शुरू हो गया , चुकी यह पौधा है ही इतना अद्भुत की इसके बारे में जितना चर्चा किया जाय कम ही लगता है |

इस महान बनौषधि के बारे में 5000 सालों से दुनिया के जाने माने पवित्र ग्रन्थ में भी उधृत है | "रोगहर एलोवेरा" के नाम प्रसिद्द पौधों की कथाएँ कई शताब्दियों से पीढ़ी दर पीढ़ी बताई जा रही है | इतिहास का शायद यही एक मात्र पौधा, है जिसके बारे में सबसे ज्यादा चर्चा की गई है लेकिन जिसे सबसे कम समझा गया है | प्राचीन ग्रीक्स,रोमन्स,बेबिलोनियंस,भारतीय और चाइनीज ने एलो वेरा को औषधीय पौधे की तरह इस्तेमाल किया है |

एलोवेरा के कुदरती रोगहर औषधीय के कारण लोग इसे भिन्न-भिन्न प्रकार के नाम से बुलाते है | कुछ लोग इसे डॉक्टर प्लांट , कुछ इसे भुत भागो पौधा , चमत्कारी और कुछ इसे घर का वैद्य भी कहते है | अब आप सोच रहे होंगे की ये भुत भागो से क्या मतलब है? दरअसल इस पौधे की खाशियत है की अगर आप इसे अपने घर के आस पास गमले में ,दरबाजे पर,या अपने बेड रूम में लगाया हुआ है तो इससे आप बाहरी प्रदुषण से सुरक्षित रहेंगे | चुकी एलो पौधा अपने जीविका के लिए वातावरण में उपस्थित पदार्थ को ग्रहण करता है | मान लीजिये आपके आस पास प्रदुषण है तो वो सबके सब एलो पौधा अपने पतों के अन्दर खीच लेता है, फलस्वरूप आपके घर बिलकुल प्रदुषण रहित रहेगा |

वैसे एलोवेरा के उपयोग के सबूत सबसे पहले प्राचीन इजिप्शियनों से मिला है | यहाँ तक की सिकंदर महान की सेना ने यमन में सोकोट्रा टापू पर कब्जा के लिए एक लड़ाई भी लड़ी थी जहाँ एलो पौधों से अपने लड़ाकू सैनिक के घाव को ठीक करता था | क्लेयोपेट्रा से लेकर महात्मा गाँधी तक कई लोगों ने इस बनौषधि एलो पौधा को अपने जीवनी में लिखा है | इसे कुदरत का "साइलेंट हीलर" कहा जाता है |

कुछ महान लोगों ने अपने तरह से कई और भी नाम दिए है जैसे :-(Potted physician, Wand of Heaven, Wonder Plant, Heaven's Blessing and Plant of Life. )


कई शताब्दियों पहले एलो वेरा के बारे में लोगों की सिमित समझ और सिमित पहुँच को बहुत पीछे छोड़ आज, इसने काफी लम्बा सफ़र तय कर लिया है | वर्तमान में इसके उपयोगों और लाभों के बारे में ज्यादा जागरूक है और इसे अनेक पौष्टिक और रोगहर गुणों के लिए उपयोग करते है |

आज का कुदरती औषधीय पौधों में एलो सर्वोच्च स्थान पर रखा गया है | एलो पती में २० मिनरल्स, १८ अमीनो एसिड्स और १२ विटामिन्स सहित ७५ पोषक घटक और २०० अन्य तत्व है | एलोवेरा के अंदुरीनी जेल में ८ आवश्यक एमिनो एसिड होते है जिनकी जरुरत इंसान को होती है लेकिन शरीर उसे बना नहीं सकता है |


ऍफ़ एल पी का १००% स्टेबलाईजड एलो वेरा जेल दुनिया में उपलब्ध सबसे बेहतरीन है क्योंकि हम खेतों से लेकर कारखानों तक, अनुसन्धान से लेकर विकाश तक, पैकिंग तक और परिवहन एवं वितरण तक सब कुछ नियंत्रित करते है और इस तरह से इसके पोषक के संरक्षण और सर्वश्रेष्ठ गुण के मानक बरक़रार रखते के पुष्टि करते है |

ऍफ़ एल पी में हम सुनिश्चित करते है की हम आप तक हमेशा बेहतरीन और शुद्धतम एलो वेरा- १००% स्टेबलाईजड एलो वेरा जेल प्रदान करें |

एलोवेरा के कोई भी स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद 15-30 % छूट पर खरीदने के लिए admin@aloe-veragel.com पर संपर्क करें और ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें
"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक |
अरे.. दगाबाज थारी बतियाँ कह दूंगी !

Comments :

2 comments to “रोगहर पौधा एलो वेरा का एक झलक”


इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आभार।

…………..
स्टोनहेंज के रहस्य… ।
चेल्सी की शादी में गिरिजेश भाई के न पहुँच पाने का दु:ख..

माधव said... on 

useful

Post a Comment

 

statistics >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>
रफ़्तार Submit
चिट्ठाजगत Read this Blog in english at en.Chitthajagat.in
View My stats >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> बाजार(स्टॉक मार्केट)आज का ! >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>
>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> www.hamarivani.com

Pengikut